मायावती जी
मायावती
का जन्म 15 जनवरी 1956 को नई दिल्ली के जाटव परिवार में हुआ था। उनके पिता, प्रभु दास, गौतम बुद्ध नगर में एक डाकघर कर्मचारी थे। मायावती के ६ भाई एवं २ बहनें हैं। उन्हें "बहन जी" के नाम से भी जाना जाता है।
उन्होंने 1975 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कालेज से कला में स्नातक की। 1976 में उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से बी.एड और 1983 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की।
राजनीति में प्रवेश से पूर्व वे दिल्ली के एक स्कूल में शिक्षण कार्य करती थी। इसके अलावा वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के परीक्षाओं के लिये अध्ययन भी करती थी।
सन् 1977 में कांशीराम के सम्पर्क में आने के बाद उन्होंने एक पूर्ण कालिक राजनीतिज्ञ बनने का निर्णय ले लिया। कांशीराम के संरक्षण के अन्तर्गत वे उस समय उनकी कोर टीम का हिस्सा रहीं, जब सन् 1984 में बसपा की स्थापना हुई थी।
1989:बिजनौर लोकसभा उत्तर प्रदेश से संसद सदस्य निर्वाचित।
1994: उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के लिए निर्वाचित।
1995 :प्रथम भारतीय दलित महिला के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य की मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मायावती एक मजबूत स्तम्भ है। आप के द्वारा उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का कार्य काल निम्नवत रहा।
3 जून 1995–18 अक्टूवर 1995
21 मार्च 1997–20 सितम्बर 1997
3 मई 2002–26 अगस्त , 2003
13 मई 2007–6 मार्च 2012
आज देश में जो परिस्थिति बन रही है इसे देख कर लगता है कि उत्तर प्रदेश के साथ साथ देश को मायावती जी कि जरूरत है आए दिन दलितों पर हो रहे अत्याचार और जुल्म यही कह रहे है कि आज देश को एक दलित प्रधानमंत्री की जरूरत है। जिसमे बहन जी का नाम सबसे ऊपर है। बहन जी ही एक मात्र ऐसी नेता है जो दलितों कि आवाज बन कर संसद में गराजतिं है तो मनुवाती उनकी आवाज दबाने की कोशिश करते हैं आप सभी को याद होगा बहनजी ही एक ऐसी नेता है जो दलितों कि तरफ से नहीं बोले देने के कारण राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। राज्यसभा से इस्तीफा देना सबके बस की बात नहीं है। बहन जी ने देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहते हुए जो भी कार्य किए है वो बहुत ही सराहनीय है बहन जी की सरकार में भ्रष्टाचारी खुद सरेंडर करते थे। रोजगार पर बिसेस ध्यान दिया गया तथा दलितों पर अत्याचार करने वाले के ऊपर तुरंत कानूनी कायवाही की जाती थी। और निस्पकच जांच होती थी।



